
रातों की तन्हाइयों को इस कदर गवारा हूं मै।
साथ चलती हैं मेरे, एक ऐसा बंजारा हूं में।।
बड़ी बेवजह , बेमंजिल चल रहा था मैं।
गहरे तमस में जो तुमसे मिला वही उजियारा हूं मैं।।
जो कुछ मिला तुमसे, वो ज़िन्दगी की मिठास है,
मैं समंदर नहीं, मगर बेइतिहा खारा हूं मैं।।
बादल हूं संजोए हुए लाखों दुआएं।
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