कहना था मुझे, पर कह न सकी
बिन कहे भी तुमसे, अब रह न सकी
कि दिल और दुनिया तुम्ही से है
तुमसे दूर होकर भी,दूरी सह न सकी।
भावों में और किसी के, बह न सकी
टूटी तो बहुत वैसे, पर ढह न सकी
रहना है बस तेरी होकर अब सदा
कहना था मुझे, पर कह न सकी।


कहना था मुझे, पर कह न सकी
बिन कहे भी तुमसे, अब रह न सकी
कि दिल और दुनिया तुम्ही से है
तुमसे दूर होकर भी,दूरी सह न सकी।
भावों में और किसी के, बह न सकी
टूटी तो बहुत वैसे, पर ढह न सकी
रहना है बस तेरी होकर अब सदा
कहना था मुझे, पर कह न सकी।