खुशियों का खज़ाना है दोस्ती
बिन मतलब का रिश्ता है दोस्ती
अपने साथ छोड़ भी देते हैं सफ़र में
मंजिल तक पहुंचाकर जो माने
ऐसा फ़साना है दोस्ती।
बिन मतलब ठहाके लगाना है दोस्ती
मिलने का तो ढूंढे बहाना है दोस्ती
खुलकर जिसमें जी पाते है सभी
कुछ ऐसा आशियाना है दोस्ती
खुशियों का खज़ाना है दोस्ती।


