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काग़ज़ी इश्क!


मेरा टूट जाना हर तरीके से इस लिए भी लाजमी था,कमबख्त उनका इश्क भी तो सिर्फ कागज़ी था।

अक्सर हर प्रेम पत्र मीठी–मीठी वाणिया से भरीऔर असल में उनके दिल में चल रहा कुछ और था।।

— ©Bhavarun
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