कान्हा में तेरे पारो की पायल
या फिर उसकी धूल बनु
तेरे स्वागत में बिछा फूल बनु
जो भी तेरे आसपास है
मुझे वो हर चीज बनना है
बस तुझसे मिलना ही मेरी आखरी तमना है
देखती हु तू कब तक सताए गए
आखिर चूटो पर मरहम लगाने
तू खुद ही तो आएगा।
कान्हा में तेरे पारो की पायल
या फिर उसकी धूल बनु
तेरे स्वागत में बिछा फूल बनु
जो भी तेरे आसपास है
मुझे वो हर चीज बनना है
बस तुझसे मिलना ही मेरी आखरी तमना है
देखती हु तू कब तक सताए गए
आखिर चूटो पर मरहम लगाने
तू खुद ही तो आएगा।