सांवली

तुम तितली 

उड़ती सब से न्यारी हो

परी नहीं तुम 

परियों की राजकुमारी हो

सांवली तुम मेरे

प्यार की परिभाषा हो

सांवली तुम बटरफ्लाई 

बहुत ही बटरफ्लाई हो


चांद की चांदनी भी 

तुम से उधारी है

काली काली मोटी मोटी 

आंखें तुम्हारी 

कहर ढा रही 

दिल पर मेरे निशाना साध रही

सांवली तुम लवली

बहुत ही लवली हो


गुलाब की गुलाबी भी 

तुम्हारे होठों की उधारी है

सांवली तुम रस की 

नदी बहा रही हो

सांवली तुम फलावर

बहुत ही फलावर हो


काले काले बालों में 

चेहरा तुम्हारा चमक रहा

बादलों में जैसे

बिजली चमक रही हो

सांवली तुम बिजली

बहुत ही बिजली हो


लंबा सुंदर नाक तुम्हारा

मान मेरा बड़ा रहा

सुंदरता में वह तुम्हारे 

चार चांद लगा रहा

नारी की संपूर्णता का

तुम उदाहरण हो

सांवली तुम स्वीटी

बहुत ही स्वीटी हो

   ~भरत सिंह