उनको भी पूरा यकीन है, प्यार उनका अफीम है
बातचीत बंद करने से प्यार नहीं मरा करता
यादों के सहारे ही दीवानों की सांसे चलती हैं
बेशक आंखें तरस जाती है, फिर बरस जाती हैं
फिर भी सावन में मिलन की आस लगी रहती है
दीवानगी जब अपने चरम को छूती है
कोरे कागज पर भाव उकेरे जाते हैं
प्रेमिका अब कविता बन जाती है
प्यार का वह सबसे पवित्र रूप ले लेती है
प्रेमियों को ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है
दो आत्माओं का जब मेल हो जाता है
दूरियां फिर शून्य हो जाती हैं
~ भरत सिंह


