ऐसी क्यूट मेरी स्वीटहार्ट थी
ऐसी दिलचस्प हममें बात हुई थी
कह नहीं पाई वह जो बात मैंने सुनी थी
उसके दिल में दबे जज्बात मैंने पढ़े थे
बिना बोले ही उसने लव यू बोल दिया
आंखें हमारी जब चार हुई थी
आंखों ही आंखों में करार हुए थे
खुली आंखों से ही हमने सपने देखे थे
जेठ की दुपहरी में सब बात हुई थी
बातें भी सारी सरेआम हुई थी
प्यार वाली भाषा किसी से ना डिकोड हुई थी
ऐसी प्यारी प्यारी हमारी मुलाकात हुई थी
फिर एक दूजे के लिए हम बेकरार हुए थे
इशारों - इशारों में ही सब बात हुई थी
ऐसे ही हममें नंबरों का आदान-प्रदान हुआ था
फिर दिलचस्प हममें एक कॉल हुई थी
ना उसने कुछ बोला ना हमने कुछ बोला
कांप गए थे होठ हमारे सांसे भी फूल गई थी
बिना बोले ही हममें सब बात हुई थी
ऐसी दिलचस्प हममें कॉल हुई थी
दिल हमारे जोर जोर से धड़के थे
सांसे भी हमारी जलने लगी थी
बेचैनी बाहों में भरने की आउट ऑफ कंट्रोल हुई थी
भावनाओं का ऐसा ज्वार भाटा फूटा था
परमाणु विस्फोट जैसे पोखरण में हुआ था
सारी ऊर्जा कविता में बदल गई
कविता के प्यार में मैंने कलम उठा ली
प्यार में हमने बड़ा संयम दिखाया
लिखते गए अपनी भावनाओं को
देखते ही देखते
'कविता मेरी प्रियसी' कविता संग्रह लिखा गया
ऐसी प्यारी प्यारी हमारी मुलाकात हुई थी
ऐसी दिलचस्प हम में बात हुई थी
~ भरत सिंह

