लड़कपन के तेवरों में बात कुछ तो तूफानी है , थोड़ा सम्भल अभी सोच में उम्र की नादानी है !   जो कुछ भी करो पूरी शिद्दत-ए-चाह  से करो ! फकीरो के पास यही एक चीज़ खानदानी है !   किसी की आँख जब खुली कि चांदना हो गयी , तू जागते रहना रात ये तेरे लिए जाफरानी है !   किसी के घर की आग में न रोटियां सेकना , तेरे दिल की आग ही तेरे लिए आसमानी है!   मत काट जिस पेड़ पर अब फल नहीं लगते, बूढ़ी हड्डियों में तेरे लिए अभी खूब पानी है !