वो इश्क़ क्या, जिस इश्क़ की

सजा नहीं हुई

वो जिंदगी रँगीं नहीं,

जो तबाह नहीं हुई

वो ख़्वाब क्या, जिन ख़्वाबों में

शामिल नहीं हो तुम

अब बचा नहीं कुछ भी यहाँ

तू हासिल नहीं हुई

वो इश्क़ क्या?…..

वो सांस क्या, जिसकी आहट

ना नाम तुम्हारा ले सके

वो प्यास क्या, जो लहरों से

ना पैगाम तुम्हारा ले सके

ये किस्मत थी या जुदाई

या हमसे वफ़ा नहीं हुई 

वो इश्क़ क्या ?…..

वो धड़कन भी धड़कन नहीं,

जिस धड़कन में तुम नहीं

रात खामोश उदास दिन,

ये आँखें फिर भी नम नहीं

ये दर्द बढ़ा कुछ इस तरह,

कि अब तक दवा नहीं हुई

वो इश्क़ क्या?…..

... भंडारी लोकेश ✍️