था मेरा भारत महान पर अब नैतिकता हो गयी बदनाम हुआ जो पश्चिमी सभ्यता का आविष्कार माँ - बहनों की आबरू लूटी हजार सामर्थ्य को तो मिला श्रृंगार पर हो न सका जख्मों का उपचार ए मेरे वतन के कर्णधार जरा बता दे मुझे महानता का आधार