देखो इन चेहरों को और थोड़ी शर्म आने दो,ये लाचारी इनकी नहीं,तुम अपनी बेमानी पर शर्म आने दो,ये कमजोर है, आवाज़ सुनी नहीं जाती इनकी,तुम तो बेबाक हो ना? अपनी ख़ामोशी पर थोड़ी शर्म आने दोl
देखो इन चेहरों को और थोड़ी शर्म आने दो,ये लाचारी इनकी नहीं,तुम अपनी बेमानी पर शर्म आने दो,
ये कमजोर है, आवाज़ सुनी नहीं जाती इनकी,तुम तो बेबाक हो ना? अपनी ख़ामोशी पर थोड़ी शर्म आने दोl