जो ऊपर बैठाया किस्मत लिखे सै मेरी, उसे कह दे थोड़ा रहम भी कर दे हर रोज़ नया दर्द लिखसै जिंदगी में, “बेनाम” नै थोड़ा हँसण का हक भी दे