Poetry 1 min read 618.2K reads

शायरी


जागी सारी रात जो माँ मेरे बचपन में,जिसने मुझे जीवन में कभी रोने न दिया,बीमार क्या हुई मुझे उससे शिकायत है,उसने सारी रात मुझे सोने न दिया |

"बेचैन"

Read more Earn more Learn more