वक़्त बड़ा मद्धम सरक रहा है

मैं अपनी रफ़्तार बढ़ा रहा हूँ

यहाँ तुझे भूलने की कोशिश में

मैं वहाँ और याद आ रहा हूँ ।


- प्रशान्त बेबार