शहीद
भला कैसी ये मुलाज़मत हुई,
कैसा यह मिट्टी का जज़्बा
ऐसे भी कोई अदला बदली
करता है भला,
तुम मेरे अब्बा लेके गए थे,
अब बस झंडा लेकर आये हो।
अब बस झंडा लेकर आये हो।
~ प्रशान्त 'बेबार'


शहीद
भला कैसी ये मुलाज़मत हुई,
कैसा यह मिट्टी का जज़्बा
ऐसे भी कोई अदला बदली
करता है भला,
तुम मेरे अब्बा लेके गए थे,
अब बस झंडा लेकर आये हो।
अब बस झंडा लेकर आये हो।
~ प्रशान्त 'बेबार'