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राज़


राज़राज़ जो दिल में है, छुपाना सीखोनम हों आँखें, तो मुस्कुराना सीखोकरवट की दीवार के भी कान हैंउठे जो सिसकी, तो दबाना सीखो

— प्रशान्त बेबार
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