प्यास हूँ सहरा की मैं, इक बूँद पानी चाहिए's image
Poetry1 min read

प्यास हूँ सहरा की मैं, इक बूँद पानी चाहिए

Prashant BeybaarPrashant Beybaar September 4, 2021
Share0 Bookmarks 230859 Reads1 Likes

प्यास हूँ सहरा की मैं, इक बूँद पानी चाहिए

या गुमाँ रखने को दरिया की निशानी चाहिए


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts