
नयी भोर
ये शीत शान्त सी मंद हवा
ये चीं चीं करते खग-खगा
इस भोर में आनंदित होकर देखो
ओ ! सूरज के आगे जगने वालो
कभी नयी भोर में उठके देखो।
- प्रशान्त बेबार



नयी भोर
ये शीत शान्त सी मंद हवा
ये चीं चीं करते खग-खगा
इस भोर में आनंदित होकर देखो
ओ ! सूरज के आगे जगने वालो
कभी नयी भोर में उठके देखो।
- प्रशान्त बेबार