मैं हूँ ठंडी छाँव अगरतो वो है जाड़े की धूपमैं हूँ सागर अगरतो वो है नदी का रूपजिस दिन ये नदी और सागर मिल जाएँगेसमझना, स्वर्ग बिक जाएँगे
मैं हूँ ठंडी छाँव अगरतो वो है जाड़े की धूप
मैं हूँ सागर अगरतो वो है नदी का रूप
जिस दिन ये नदी और सागर मिल जाएँगेसमझना, स्वर्ग बिक जाएँगे