
हाफ़ वाइफ़ : Half Wife
अरे जाना!
ये किस ज़माने में आकर मिले हो,
जहां क़त्ल मंजूर है पर इश्क़ नहीं,
खुदखुशी मंजूर है, पर ख़ुदी नहीं।
सुना है पूरी शब तुम्हारी बैठक में, कल 'फ़ोटो' दिखाया गया
आज फ़िर कोई नामुराद मेरे हिस्से की रातें खा गया।
पूरे इश्क़ की शिद्दत पूरी थी, शायद लकीरें आधी रह गयीं,
आधी आधी लकीरों में तुझे ढूंढते, रात पूरी गुज़र गयी।
मुझे इल्म है कि ज़माने के कायदे क्या हैं,
क्या हैं इनके तौर तरीके,
पर मेरे कुछ सवाल हैं, जो ख़ुद आधे अधूरे हैं ।
क्या मेरी तरह मेरा एहसास भी आधा रह जायेगा,
ख़्वाब जो बुना पूरी पूरी रात, वो भी क्या आधा हो जायेगा?
कहो ना! क्या मेरी रातें, मेरी सुबह भी आधी हो जायेगी<
Read More! Earn More! Learn More!
