
एक चाहत ज़रूरी है ज़िन्दगी के लिए
जुनून भी मजबूरी है बंदिगी के लिए
चराग़ का जलना कोई शौक़ भर नहीं
जलता है रोज़, ताबिन्दगी के लिए
- प्रशान्त बेबार



एक चाहत ज़रूरी है ज़िन्दगी के लिए
जुनून भी मजबूरी है बंदिगी के लिए
चराग़ का जलना कोई शौक़ भर नहीं
जलता है रोज़, ताबिन्दगी के लिए
- प्रशान्त बेबार