
आसमाँ है वो मिरा, मैं बनके इक तारा फिरूँ
कहकशाँ में डूबता, मैं बनके सय्यारा फिरूँ
मुद्दतों से ढूँढता उसको, मैं बंजारा फिरूँ
ऐ मेरे दिल ये बता, मैं क्या करूँ मैं क्या करूँ
- प्रशान्त बेबार



आसमाँ है वो मिरा, मैं बनके इक तारा फिरूँ
कहकशाँ में डूबता, मैं बनके सय्यारा फिरूँ
मुद्दतों से ढूँढता उसको, मैं बंजारा फिरूँ
ऐ मेरे दिल ये बता, मैं क्या करूँ मैं क्या करूँ
- प्रशान्त बेबार