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अपने ग़मों की यूँ नुमाइश न कर


अपने ग़मों की यूँ नुमाइश न करअपनी तक़दीर की आज़माइश न कर

जो है तेरा, तेरे दर पे ख़ुद लौट आएगारोज़ रोज़ उसे पाने की ख़्वाहिश न कर

— प्रशान्त बेबार
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