
आँखों में जो हल्की सी परछाई है
ये तेरे इश्क़ की रानाई है
ज़रा सा नज़रों से तू दूर क्या हुई
ले-ले हिचकी जान पे बन आई है
- प्रशान्त बेबार



आँखों में जो हल्की सी परछाई है
ये तेरे इश्क़ की रानाई है
ज़रा सा नज़रों से तू दूर क्या हुई
ले-ले हिचकी जान पे बन आई है
- प्रशान्त बेबार