चलना एक बार फिर मिलते हैं बस इस बार हम प्यार नहीं करेंगे

दिल में लाख अरमान भी जागे तो उनका इजहार नहीं करेंगे

फिर एक बार रिश्तो में उलझते हैं हम चाहे दोस्ती ही सिर्फ उसका नाम रहे

चाहे कितना भी खास हो हमारा रिश्ता औरों के लिए हमेशा यह आम रहे

एक बार तो कर चुका हूं खुद से जोड़कर तेरे नाम को बदनाम में

अब नहीं चाहता कि लोगों के लबों पर फिर तेरा नाम रहे

शायद मुमकिन हो तुझे तेरे यारों से मिलाना मेरा

सिर्फ एक दोस्त हूं मै, मुमकिन हो शायद यह सुन पाना मेरा

चलना एक बार हम फिर मिलते हैं बस इस बार हम प्यार नहीं करेंगे

गला घोट देंगे अपने इश्क का पर, फिर आंखें चार नहीं करेंगे