बुराँश



महीने भर से खिले बुराँश ने

पूरे जंगल को सुर्ख लाल कर रखा है

मैं तुम्हें भेंट करना चाहता हूं

इतने ही सुर्ख लाल बुराँश

जिसे देखते ही

तुम दौड़े चले आओ

उसी जंगल की तरफ

जहाँ से मैं

लाया हूँ

गुलदस्ता

तुम्हारे लिए

शायद तुम्हारे आने से

जंगल में अगले साल

दोगुने हो जाएं बुराँश।


बलवन्त नीब