रक्त है महान इसकी शक्ति से है जान
भेद, लक्ष्य के लिए उठा ले तू कमान
नित कृत्य जो करे,वो देखे आसमान
चीर के तूफ़ान को बने वायु समान
रक्त है महान .....
तू चर अचर की श्रष्टि,है अंधरे में विहान
जो लांघ ले समुद्र,बनके वीर हनुमान
अर्पण करूँ मैं रक्त बनूँ भारती की शान
जो कि,विश्व की धरा पे यह देश है युवान
बालेन्द्र शर्मा


