हमारे पास में बैठा है जोवो तेरी हिज़्र का हिस्सा नहींहमने मोहोब्बत की थी,ये पूंजी उसी की हैतुझसे बेफ़िक्र यादों का,किस्सा नहीं....हमारे पास में ....