हमारे पास में बैठा है जो 

वो तेरी हिज़्र का हिस्सा नहीं

हमने मोहोब्बत की थी,ये पूंजी उसी की है

तुझसे बेफ़िक्र यादों का,किस्सा नहीं....

हमारे पास में ....

बालेन्द्र शर्मा