उन किताबों में तेरे इश्क़ के किस्से तमाम हैं
तेरे दिये गुलाबी कोपलों के हिस्से तमाम हैं
कभी तुम लौटकर देखो तुम्हारी प्यार की बातें
मैं खोया हूँ तुझमे,और अब,
इस दिल के हिस्से तमाम हैं
बालेन्द्र शर्मा


उन किताबों में तेरे इश्क़ के किस्से तमाम हैं
तेरे दिये गुलाबी कोपलों के हिस्से तमाम हैं
कभी तुम लौटकर देखो तुम्हारी प्यार की बातें
मैं खोया हूँ तुझमे,और अब,
इस दिल के हिस्से तमाम हैं
बालेन्द्र शर्मा