तुम कह दो ख़्यालों से
मुझको कहना सिखा दें
कसम से,मदहोश हूँ मैं
मुझे होश में रहना सिखा दें
ये जाम है जवानी का
या मोहोब्बत रंग लायी है
खैर जो भी हो......
ये दर्द मीठा है
इस दर्द को सहना सिखा दें
बालेन्द्र शर्मा


तुम कह दो ख़्यालों से
मुझको कहना सिखा दें
कसम से,मदहोश हूँ मैं
मुझे होश में रहना सिखा दें
ये जाम है जवानी का
या मोहोब्बत रंग लायी है
खैर जो भी हो......
ये दर्द मीठा है
इस दर्द को सहना सिखा दें
बालेन्द्र शर्मा