फूल कांटे इन सब की बातें व्यर्थ हैंबात प्रेम की हो तो कोई अर्थ हैगर प्रेम हैतो न शिकायत है और न कोई गिलाप्रेम वो ही करे जिसमे दुखों का सामर्थ्य हैफूल कांटे.....
फूल कांटे इन सब की बातें व्यर्थ हैं
बात प्रेम की हो तो कोई अर्थ है
गर प्रेम हैतो न शिकायत है और न कोई गिला
प्रेम वो ही करे जिसमे दुखों का सामर्थ्य है
फूल कांटे.....