मुझे प्यार का मतलब बता दो

ये गम,आँसु और जुदाई

क्या इसी के हिस्से हैं

तड़पती हुयी शाम वाले

खुशनुमा सुबह इसी के किस्से हैं


अगर यह सही है तो फिर

ख़ुशी,खूबसूरत,नजाकत

इनके क्या मायने हैं?

वो कौन है और हम कौन

ये सब पता नही जानने हैं


देखना,चाहना,कुछ कहना नहीं

आँख,बन्द होठों की ख़ुशी 

दूर से ही उनको निहारना

वो है एक अच्छा अहसास होता है

इससे ज्यादा कुछ नहीं पहचानना

बालेन्द्र शर्मा