बंजर जमीं खिल जायेगी तू अहसास तो कर

जाने दो कमी वाले,खुद पर विश्वास तो कर

चमकता चाँद हो तुम,कांच का टुकड़ा नहीं

तेरे चाहने वाले होंगे बहुत तू कयास तो कर

बालेन्द्र शर्मा