बंजर जमीं खिल जायेगी तू अहसास तो करजाने दो कमी वाले,खुद पर विश्वास तो करचमकता चाँद हो तुम,कांच का टुकड़ा नहींतेरे चाहने वाले होंगे बहुत तू कयास तो कर
बंजर जमीं खिल जायेगी तू अहसास तो करजाने दो कमी वाले,खुद पर विश्वास तो कर
चमकता चाँद हो तुम,कांच का टुकड़ा नहींतेरे चाहने वाले होंगे बहुत तू कयास तो कर