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ख़ता और ख़फ़ा


जवानी में मोहोब्बत की ख़ता,ख़ता नहीं होतीइश्क़ में जुदाई से बढ़कर कोई सजा नहीं होतीइरादा तुम्हारा प्यार है या छूकर हमें रिझानावरना यूँ छोटी बातों पर तुम ख़फ़ा नहीं होतीजवानी में मोहोब्बत की......

— बालेन्द्र शर्मा
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