सफ़र का क्या है कट जाएगा,

आपसे गिला मिट जाएगा

बात तो यादें मिटाने की हैं जो हर रोज आती है

तस्वीर बनकर आंखों में रातें बिताती है

मरीज ए इश्क की दवा कोई दे न पाएगा 

सफ़र का क्या है....

बालेन्द्र शर्मा