अभी नशे में हूँ इसलिए तुम्हें सारी बात बोलता हूँ

तुम्हें अपना समझता हूँ सो दिली राज खोलता हूँ

नशा कोई भी हो लोग मदहोश हो ही जाते हैं

इश्क़ के नशे में तक़लीफ़ बहुत है अब इस नशे को छोड़ता हूँ

अभी नशे में हूँ ........

बालेन्द्र शर्मा