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इश्क़-ए-इज़हार


हम अपनी ख़ुशी और ये दिल....नीलाम कर चुके हैं

जबसे जज़्बातों की चिठ्ठी वाली डाकतेरे नाम कर चुके हैं

अपनी बर्बादी के इल्म से बेख़ौफ़ हैं हमजबसे इश्क़-ए-इज़हार तुझसे

सरेआम कर चुके हैंहम अपनी ख़ुशी और ये दिल.......

— बालेन्द्र शर्मा
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