ये अपनी हिंदी है
ये भारत अपना हिंदी है
शिशु के स्वरुप में किलकारियों की गूंज से
मौन हंसी खोलकर पुकारे माँ वो हिंदी है
गोद में खिलावे सुख चैन से सुलाबे
निज स्वार्थ का जो करे त्याग
वो पिताजी शब्द हिंदी है
ये अपनी हिंदी है.....
मातृप्रेम,राष्ट्रप्रेम संस्कृति की यही देन
निज मान को बढ़ावेवो सुभाष अपनी हिंदी है
गंगा हो गोदावरी कृष्णा हो या कावेरी
जहां जल करें निपात
वो हिंदसागर शब्द हिंदी है
ये अपनी हिंदी है
ये भारत अपना हिंदी है
बालेन्द्र शर्मा

