जरा सोचो जरा कह दो,

दिल में जरा सी बात मत रखना

याराना हमारा पाक है,

जिसकी कसम तुमको

हमारी दोस्ती के बीच,

झूठे जज़्बात मत रखना

जरा सोचो जरा.....

हमें तो फ़िक्र उस अंजान की है,

जिसे सब वक्त कहते हैं

यही वो वक्त है जिसकी बदौलत

साथ रहते हैं

कब बदलेगा ये किसको पता,हम भी बदल जाएँ

उस बदले हुए 'हम' में,

बुरी यादें हमारी साथ मत रखना

जरा सोचो जरा कह दो......

मुझे वो याद है,मिलकर मेरा चेहरा जो पढ़ते थे

मेरे माथे की सिकुड़न की वजह,

बिन जाने लड़ते थे

औरों की तरह,इस बार

दिलाशा का झूठा हाथ मत रखना

जरा सोचो जरा कह दो.....

बालेन्द्र शर्मा