बिखरते गेसूओं को तुम जरा अंजाम दे देना
अटखेलियां कर उँगलियों से
अपना पैगाम दे देना
ये जुल्फें ही हैं जो तुम्हारे हो गए "शर्मा"
झटककर खीचना
उनके होठों पे अपना नाम दे देना
बालेन्द्र शर्मा


बिखरते गेसूओं को तुम जरा अंजाम दे देना
अटखेलियां कर उँगलियों से
अपना पैगाम दे देना
ये जुल्फें ही हैं जो तुम्हारे हो गए "शर्मा"
झटककर खीचना
उनके होठों पे अपना नाम दे देना
बालेन्द्र शर्मा