बहोत है दर्द सीने में मगर मैं कह नहीं सकता
उन्हें भी याद होगा ये मैं उन बिन रह नही सकता
मगर खामोश हैं नजरें उन्हें कहीं और जाना है
विरह को देख लूँ उनकी मैं यह सह नहीं सकता
बहुत है दर्द सीने में......
बालेन्द्र शर्मा


बहोत है दर्द सीने में मगर मैं कह नहीं सकता
उन्हें भी याद होगा ये मैं उन बिन रह नही सकता
मगर खामोश हैं नजरें उन्हें कहीं और जाना है
विरह को देख लूँ उनकी मैं यह सह नहीं सकता
बहुत है दर्द सीने में......
बालेन्द्र शर्मा