वो बहुत खुश होने वाला है

साइकल पर बैठकर 

वो जो बचपन है न

दौड़ने वाला है

बड़ी प्रशन्नता का चित्त होगा

हवा में सपने समेटने को

बचपन चलने वाला है

अभी कुछ दूर ही चला था

की छोटी चोट लग गई

अब नया अनुभव

वो सीखने वाला है

चैन जो उतरी 

तो हाथ काले पड़ गए

बालेन्द्र शर्मा