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अधूरा इश्क़


इश्क़ आधा ही सही पर याद तो पूरी हैतुम्हें भूलकर न भूलना हमारी मजबूरी है

जिसे तुम वक़्त,हमसे छीनकर दे रहे साहिबहाँ वही,हमारे दिल से तुम्हारे दिल की दूरी है

— बालेन्द्र शर्मा
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