मैं कान्हा हो चुका हूं उसका...'s image
454K

मैं कान्हा हो चुका हूं उसका...

लगाने को तुम पर कोई कयास तक नहीं है
बुझाने को तुम्हारे पास प्यास तक नहीं हैं ,
ना तेरे पास धूप है ना ही पानी
फिर भी जी रही वह तेरी जवानी ,
ना तू हवाएं दे सकता है ना समंदर
फिर भी वह कैसे रहती है तेरे अंदर ,

हर दुआओं में मांगे जाने वाली अरदास वही है 
दि
Read More! Earn More! Learn More!