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दोस्त हैं


दोस्त वो है जो तुम्हें हवा में तो उड़ाएंगेलेकिन समय समय पर नीचे गिराते रहेंगेताकि तुम्हें खुद के पंखो पर भरोसा बना रहे ।

— बाबू प्रेम अमर
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