क्या भरा है दिल में खुद के अगर देखना है ये ,

कलम को काग़ज़ पर बिन सोचे चलाइए ,


लिखना चाहोगे भी अगर दुनिया भर की दास्तान ,

दास्तान-ए-खुद के सिवा कुछ लिख ना पाओगे !


~azhar~