जैसे इक बंजर सी जमीं तुम्हारे बिन,
मेरा बादलों से भरा आसमान हो तुम।
में हूं जैसे अखण्ड भारत तुम्हारा,
मेरा फंदे पर लटका किसान हो तुम।


जैसे इक बंजर सी जमीं तुम्हारे बिन,
मेरा बादलों से भरा आसमान हो तुम।
में हूं जैसे अखण्ड भारत तुम्हारा,
मेरा फंदे पर लटका किसान हो तुम।