जब कच्ची सी उमर गई ।

तो कच्ची सी नींदों मे

कच्चे से खूवाब रह गए।


कच्ची सी मोहब्बत मे

कच्चे से इकरार रह गए ।


कच्ची सी दोस्तीऔर

कच्चे से एतबार रह गए ।


तब कच्चे से घर मे

एक बडा सा परिवार था

अब पक्की सी दिवारों मे

हम बस चार रह गए ।


     आजाद