Poetry 1 min read 621K reads

मुंसिफ/जज


हमारा फ़ैसला करनेवाले इन झगड़ों में उलझे हुए है,कि वो मेरी जगह बैठ गया ये मेरी जगह बैठ गया।

— आज़ाद
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